| Jan 01, 1970 | Daily Report |
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21041. हरियाणा में अनाज भंडारण के लिए गांवों में बनेंगे गोदाम, नाबार्ड से भी लिया जाएगा फंड
- ‘हरियाणा भंडारण निगम तथा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में गोदाम बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
- हरियाणा सरकार ने अनाज भंडारण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा नए गोदाम बनाने का निर्णय लिया है।
- 11 स्थानों पर गोदाम के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। इसके तहत भंडारण निगम द्वारा कृषि विपणन बोर्ड की भूमि पर गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए नाबार्ड से भी फंड लिया जाएगा।
21042. आत्मनिर्भर भारत के लिए पीएनबी ने Exporters के लिए शुरू किया नया पोर्टल, बढ़ाईं ये सुविधाएं
- ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बढ़ावा देने और निर्यातकों के लिए कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने एक नया पोर्टल शुरू किया है. इसी के साथ निर्यातकों के लिए कई और सुविधाओं को भी बढ़ाया है.
- पीएनबी ने ‘ट्रेड फाइनेंस री-डिफाइन्ड’ पोर्टल शुरू किया है. इस पोर्टल पर निर्यातक 24x7 अपने निर्यात दस्तावेज ‘ट्रेड फाइनेंस सेंटर’ पर जमा कर सकते हैं. इससे निर्यातकों के लिए कारोबार सुगमता बढ़ेगी, प्रक्रिया तेज होगी और समय भी बचेगा.
- पीएनबी ने अपने विदेशी मुद्रा कारोबार केन्द्रों की संख्या भी बढ़ा दी है. पहले ये सिर्फ दो थे जिन्हें अब बढ़ाकर चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में शुरू कर दिया गया है.
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21043. इस साल 2500 FPO के गठन का लक्ष्य, जानिए क्या है यह और सरकार किसानों के लिए इसे क्यों बना रही है
- केंद्र सरकार का वित्त वर्ष 2021-22 में 2500 एफपीओ के गठन का लक्ष्य है.केंद्र सरकार की कोशिश किसानों की आय में वृद्धि करने की है. इसके साथ ही उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए सही मंच और उचित दाम मिल सके, इसके लिए सरकार लगातर एफपीओ के गठन पर जोर दे रही है.
- एफपीओ के जरिए किसानों तक खेती-किसानी से जुड़ी तमाम नई जानकारी पहुंचेगी और कृषि के लिए नए उपकरण भी मिल सकेंगे. इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर एफपीओ पर सरकार ध्यान केंद्रित कर रही है.
- एक अकेला किसान कंपनियों से सीधे संपर्क नहीं कर सकता, इसलिए इसमें सदस्यों की एक तय संख्या होती है. एफपीओ के जरिए किसान अपनी उपज को कंपनियों को बेच सकते हैं और सीधा भुगतान प्राप्त कर सकते हैं.
21044. किसान रेल को कृषि मंत्री ने बताया अत्यंत सफल, कहा- किसानों को हो रहा लाभ, अभी तक लगे 455 फेरे
- केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान रेल संचालन की समीक्षा की. इस दौरान बताया गया कि अभी तक किसान रेल के 455 फेरे लग चुके हैं, जिससे हजारों किसानों को फायदा पहुंचा है.
- उन्होंने कहा कि रेलवे तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों को किसान रेल की नियमित मॉनिटरिंग करनी चाहिए, जिससे कि इसे किसानों के लिए ज्यादा उपयोगी बनाया जा सके.
- किसान रेल के माध्यम से किसानों की उन उपज का देश के दूरदराज क्षेत्रों तक परिवहन किया जा रहा है, जो शीघ्र खराब होने वाली किस्म की होती है. रेलवे द्वारा किसानों को उनकी उपज के परिवहन के भाड़े में छूट प्रदान की जा रही है.
21045. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया मधुक्रांति पोर्टल का उद्घाटन, जानिए मधुमक्खी पालकों को क्या होगा फायदा
- मधुमक्खी पालकों और इसके व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बुधवार को मधुक्रांति पोर्टल की शुरुआत हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन किया।राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत इसकी शुरुआत की गई है।
- इस पोर्टल पर मधुमक्खी पालकों और इस काम से जुड़े लोगों को रजिस्ट्रेशन करना होगा। शहद की खरीद-बिक्री का भी यहां पर डेटा रहेगा।
- सरकार इसके अध्ययन के अनुसार योजनाएं शुरू करेगी और मधुमक्खी पालकों और इसके व्यापार से जुड़े लोगों के लिए राहत देने का काम करेगी।
21046. यूट्यूब पर देख जैविक खेती करने का लिया निर्णय, दो साल से अच्छी कमाई कर रहा झज्जर का किसान
- झज्जर: करीब 2 साल पहले यूट्यूब पर राजीव दीक्षित प्राकृतिक खेती के बारे में बता रहे थे। उसकी प्रेरणा से सुरेन्द्र किन्हा ने भी मन में ठान लिया कि वे भी जहर मुक्त फसलें पैदा करेंगे। यूट्यूब के माध्यम से उसने देशी खाद तैयार की 4 एकड़ में फसलें तैयार की।
- सुरेन्द्र किन्हा का कहना है कि कई सालों से गेहूं की फसलों की बिजाई कर रहे हैं, लेकिन जो देशी खाद से गेहूं की उपज इस बार हुई है, वो बहुत बढ़िया है। गेंहू की बाली (गेहूं के दाने) का आकार भी बड़ा है। खेतों में यूरिया खाद डालकर अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं, जो कि अनेक बीमारियों को पैदा कर रही है।
- अगर हम अपनी देशी खाद से पैदावार करें तो बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है। गाय के गो मूत्र ओर गोबर की का विशेष महत्व है और सब इस प्रकार इस्तेमाल करे तो गो माता की भी कदर होने लगे गी।
21047. भारत में शुरू की गई चिया सीड्स की खेती, जानें क्या हैं इस फसल के फायदे
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में किसान अब ‘चिया सीड्स’ की खेती कर रहे हैं. दरअसल, विदेशी बाजारों में चिया सीड्स को ‘सुपर फूड’ के नाम से जाना जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है.
- पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में चिया सीड्स की खेती करने वाले बाराबंकी के प्रगतिशील किसान कर्नल हरीश चंद का जिक्र किया था.
- इस बारे में कर्नल हरीश अन्य किसानों को सलाह देते हुए कहते हैं कि सभी को ऐसी खेती करनी चाहिए, जिससे कम खेत और कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके और सरकार की मंशा के अनुरूप आय को बढ़ा सकें. चिया की खेती में भी कम खर्च में अधिक आमदनी होती है, इसके बीज भी हजार रुपये तक बिकते हैं.
21048. Govt approves Rs 726 cr highway projects in Madhya Pradesh.
- The government on Saturday said it has approved Rs 726 crore highway projects in Madhya Pradesh. These projects are for building 291 km of highways in the state.
- These projects include preparation of detailed project reports for upgradation of declared National Highway (572 Km) at a cost of 17.72 crore besides strengthening of road section of Sagar-Chhatarpur on NH 86/934 at a cost of 22.65 crore
- Ministry of Road Transport and Highways has sanctioned road development projects of 291 km worth 726 Cr for the state of Madhya Pradesh," Road Transport, Highways and MSME Minister Nitin Gadkari said in a tweet.
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21049. Bihar Farming: अब मशरूम उगाएंगे कुदरा के किसान, कृषि विभाग की देखरेख में हो रही बोआई
- कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की मदद से स्थानीय प्रखंड के किसान अब मशरूम उगाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग की तरफ से किसानों को सामग्री व तकनीक मुहैया कराई जा रही है। इससे किसानों के पोषण स्तर में सुधार होगा वहीं उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।
- योजना के तहत प्रखंड के सकरी गांव के कुछ किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए आत्मा के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आत्मा के सहायक तकनीकी प्रबंधक रमाकांत की देखरेख में मशरूम की बिजाई भी कर दी है, जिसमें से कुछ सप्ताह बाद फसल आने लगेगी।
- कृषि विभाग के द्वारा करीब आधा दर्जन जैविक कृषि उत्पादक समूह बनाए गए हैं, जिनमें सकरी गांव के एक जैविक उत्पादक समूह तथा भदौला गांव के दो जैविक उत्पादक समूहों को मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर एक समूह में करीब 20 किसान हैं।
21050. अब होगी भारत में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए खेती…जानिए इसके बारे में सबकुछ
- MyGov India, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर हिन्दुस्तान यूनिलीवर और गूगल ने 7-8 अप्रैल को एक हैकाथॉन प्रतियोगिता का आयोजन किया था.
- इसका मकसद कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों और सर्वश्रेष्ठ स्टार्ट अप्स की मदद से किसानों के लिए सोल्यूशंस को डिजाइन करना और उन्हें तैयार करना था.
- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करके देश में किसानों को बाजार, इनपुट, डेटा, सलाह, क्रेडिट और इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं का आसानी से मुहैया कराया जा सकता है
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